डायबिटीज़ में आज की लापरवाही कल की जटिलता कैसे बनती है?
डायबिटीज़ की शुरुआत में ज्यादातर लोग यही सोचते हैं – “आज तो शुगर थोड़ी ज्यादा है, कल से संभाल लेंगे” “एक दिन की मिठाई से क्या होता है?” “पैर में थोड़ा दर्द है, उम्र का असर होगा” “दवा एक दिन छूट गई तो कोई बात नहीं” ये छोटी-छोटी बातें सुनने में बहुत मामूली लगती हैं। […]
डायबिटीज़ में जानकारी की कमी सबसे बड़ा रिस्क क्यों है?
डायबिटीज़ की दवा लेना शुरू करने के बाद ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि बस गोली नियमित रहेगी तो सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कुछ महीनों बाद वही दवा लेते-लेते थकान, पैरों में झुनझुनी, आँखों में धुंध या बार-बार हाइपो आने जैसी परेशानियाँ शुरू हो जाती हैं। तब जाकर सवाल उठता है – “ये सब […]
डायबिटीज़ में सही सवाल पूछना क्यों आधा इलाज है?
डायबिटीज़ की दवा लेना शुरू करने के बाद ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि डॉक्टर ने जो गोली या इंजेक्शन दिया है, बस उसे नियमित लेते रहेंगे तो सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कुछ महीनों बाद वही दवा लेते-लेते थकान, पैरों में झुनझुनी, आँखों में धुंध या बार-बार हाइपो आने जैसी परेशानियाँ शुरू हो जाती […]
डायबिटीज़ में इलाज से ज्यादा समझ क्यों जरूरी है?
डायबिटीज़ की दवा लेना शुरू करते ही ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बस गोली या इंजेक्शन नियमित रहेगा तो सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कुछ महीनों बाद वही दवा लेते-लेते थकान, चिड़चिड़ापन, परिवार से बहस और “कब तक चलेगा ये सब” वाली उलझन शुरू हो जाती है। भारत में करोड़ों डायबिटीज़ मरीज इसी स्थिति से […]
डायबिटीज़ में “सब कंट्रोल में है” दिखाने की मजबूरी
डायबिटीज़ की रिपोर्ट अच्छी आने पर सबसे पहले यही वाक्य निकलता है – “देखा, सब कंट्रोल में है… अब तो टेंशन लेने की कोई बात नहीं।” यह वाक्य बाहर से सुनने में बहुत राहत देने वाला लगता है, लेकिन अंदर से यह एक ऐसी मजबूरी बन जाता है जो मरीज को सच छुपाने पर मजबूर […]
डायबिटीज़ में परिवार का डर मरीज की शुगर कैसे बढ़ाता है?
डायबिटीज़ की रिपोर्ट आते ही घर में सबसे पहले जो भावना उभरती है, वह है डर। मरीज का डर – “अब क्या होगा?” परिवार का डर – “हमारा बच्चा/पति/पत्नी/माँ-पापा अब कैसे जिएंगे?” यह दोहरा डर चुपचाप सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है। मरीज छुपाने लगता है, परिवार मजबूर करने लगता है और बीच में शुगर […]
डायबिटीज़ में रिश्तेदारों की सलाह कब जहर बनती है?
भारत में डायबिटीज़ का नाम सुनते ही सबसे पहले रिश्तेदारों की सलाह आने लगती है। “भैया, करेला का जूस पी लो, शुगर एकदम कंट्रोल हो जाएगी” “मेरी मौसी ने गुड़-शहद लेना शुरू किया, दवा छोड़ दी” “त्योहार है, आज तो मिठाई खा लो, कल से छोड़ देना” “दवा इतनी मत लो, किडनी खराब हो जाएगी” […]
डायबिटीज़ में सोशल दबाव खाने पर कैसे असर डालता है?
भारत में डायबिटीज़ का पता चलते ही सबसे पहले घर-परिवार और रिश्तेदारों की तरफ से जो बात सबसे ज्यादा सुनने को मिलती है – “अरे थोड़ा-सा खा ले, इतना मत सोचो” “हमारे हाथ का बना है, मना मत करो” “त्योहार है, आज तो खा लो” यह सुनकर लगता है जैसे सबका प्यार है, लेकिन असल […]