डायबिटीज़ में इलाज का बोझ मानसिक क्यों बन जाता है?
डायबिटीज़ की शुरुआत में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बस दवा लेते रहेंगे तो सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कुछ महीनों बाद वही दवा, वही चेकिंग, वही डाइट नियम और वही रोज़ का डर – सब मिलकर एक भारी मानसिक बोझ बन जाते हैं। “आज शुगर कितनी आएगी?”, “कल क्या खाऊँ?”, “दवा समय पर ली […]
डायबिटीज़ में “सिर्फ गोली से ठीक हो जाएगा” भ्रम
डायबिटीज़ का नाम सुनते ही सबसे पहले मन में यही बात आती है – “डॉक्टर ने गोली दी है, बस लेते रहूँगा तो सब ठीक हो जाएगा”। कई मरीज और उनके परिवार इसी भरोसे में जीते हैं कि दवा समय पर ली तो शुगर कंट्रोल में रहेगी। खान-पान, वॉक, नींद, स्ट्रेस – इन पर ध्यान […]
डायबिटीज़ में इंजेक्शन का डर कंट्रोल कैसे बिगाड़ता है?
डायबिटीज़ में जब डॉक्टर इंसुलिन इंजेक्शन की सलाह देते हैं तो सबसे पहले मरीज के मन में यही सवाल आता है – “सुई लगानी पड़ेगी?” उसके बाद शुरू होता है एक ऐसा डर जो सिर्फ सुई का नहीं – बल्कि पूरी जिंदगी का कंट्रोल छीन लेता है। “रात में इंजेक्शन लगाऊँगा तो हाइपो हो गया […]
डायबिटीज़ में दवा लेते समय पानी की मात्रा क्यों मायने रखती है?
डायबिटीज़ में दवा लेना एक रोज़मर्रा का काम बन जाता है। सुबह उठकर गोली पानी के साथ निगल ली, शाम को फिर से। लेकिन बहुत कम लोग ध्यान देते हैं कि उस गोली के साथ कितना पानी पीया जा रहा है। कभी एक घूँट, कभी आधा गिलास, कभी बस मुँह में रखकर निगल लिया। यह […]
डायबिटीज़ में रिपोर्ट ठीक पर शरीर क्यों नहीं?
डायबिटीज़ में सबसे आम शिकायत सुनने को मिलती है – “डॉक्टर साहब रिपोर्ट तो ठीक है, HbA1c भी ६.८ है, फिर भी शरीर ऐसा क्यों लगता है जैसे बीमारी बढ़ रही हो?” पैरों में झुनझुनी, शाम को बहुत थकान, कभी-कभी आँखों में धुंध, हाथ-पैर सुन्न पड़ना, बार-बार पेशाब आना, रात में नींद पूरी न होना […]
डायबिटीज़ में दवा से ज्यादा लाइफस्टाइल क्यों बोलती है?
डायबिटीज़ का नाम सुनते ही सबसे पहले दवा की बात आती है। मरीज सोचता है – “डॉक्टर ने दवा दी है तो बस लेता रहूँगा, शुगर कंट्रोल हो जाएगी”। लेकिन हकीकत में ज्यादातर मामलों में दवा अकेले बहुत कम असर करती है। असली खेल लाइफस्टाइल का होता है। इंडिया में करोड़ों लोग दवा तो नियमित […]