डायबिटीज़ में मुफ्त सलाह सबसे महंगी क्यों पड़ती है?
भारत में डायबिटीज़ से जूझ रहे हर दस में से सात लोग कम से कम एक बार ऐसी “मुफ्त सलाह” पर भरोसा कर चुके हैं जो बाद में बहुत महँगी पड़ गई। WhatsApp ग्रुप में आया फॉरवर्ड मैसेज, पड़ोस वाली आंटी की नुस्खा-विद्या, दादी के ज़माने का घरेलू इलाज, यूट्यूब पर “डॉक्टर नहीं बताते” वाला […]
डायबिटीज़ में WhatsApp यूनिवर्सिटी की गलत जानकारी
भारत में डायबिटीज़ से जूझ रहे करोड़ों लोगों तक सबसे तेज़ी से जानकारी WhatsApp फॉरवर्ड मैसेज से पहुँचती है। सुबह-सुबह ग्रुप में आता है – “ये १ चम्मच पाउडर रात को पानी में डालकर पी लो, ३ महीने में दवा छूट जाएगी”, “मेटफॉर्मिन से किडनी खराब हो रही है, तुरंत बंद कर दो”, “ये घरेलू […]
डायबिटीज़ में बच्चों के सामने बीमारी कैसे हैंडल करें?
भारत में हर साल हजारों माता-पिता को पता चलता है कि उन्हें या उनके जीवनसाथी को डायबिटीज़ है। घर में छोटे बच्चे हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है – “बच्चों के सामने बीमारी कैसे दिखाएँ? इंसुलिन इंजेक्शन कैसे लगाएँ? शुगर चेक करते समय क्या कहें? अगर बच्चे डर जाएँ तो?” यह डर जायज़ […]
डायबिटीज़ में सोशल फंक्शन्स से डर क्यों लगने लगता है?
शादी की बारात हो, दिवाली की पार्टी हो या किसी रिश्तेदार का जन्मदिन – इन मौकों पर डायबिटीज़ वाले व्यक्ति के मन में सबसे पहले डर बैठ जाता है। “अगर थोड़ा भी खा लिया तो शुगर ३०० पार कर जाएगी”, “सब देखेंगे कि मैं अलग प्लेट ले रहा हूँ”, “कहीं हाइपो न हो जाए”। यह […]
डायबिटीज़ में गांव से शहर आने पर शुगर क्यों बिगड़ती है?
भारत में हर साल लाखों लोग गांव छोड़कर शहर की ओर पलायन करते हैं – बेहतर नौकरी, बच्चों की पढ़ाई, परिवार की आर्थिक मजबूती के लिए। लेकिन इसी पलायन के साथ बहुत से डायबिटीज़ मरीजों की शुगर अचानक बेकाबू होने लगती है। गांव में दवा पर अच्छा कंट्रोल था, लेकिन शहर आते ही फास्टिंग १४०–१६०, […]
डायबिटीज़ में घर का बना खाना भी कब नुकसान करता है?
घर का खाना सुनकर ज्यादातर लोग राहत की सांस ले लेते हैं। लगता है – बाहर का तेल-मसाला नहीं, माँ-बहन-बीवी के हाथ का बना प्यार भरा खाना है, तो डायबिटीज़ में कोई टेंशन नहीं। लेकिन हकीकत यह है कि भारत में डायबिटीज़ वाले बहुत से मरीजों की शुगर घर के खाने से ही सबसे ज्यादा […]
डायबिटीज़ में कामकाजी महिलाओं की सबसे बड़ी हेल्थ गलती
कामकाजी महिलाओं की जिंदगी आज बहुत तेज़ चल रही है। सुबह ऑफिस, शाम को घर, बच्चों की पढ़ाई, सास-ससुर की देखभाल, पति की जिम्मेदारी – बीच में खुद की सेहत कहीं पीछे छूट जाती है। भारत में ३० से ५० साल की कामकाजी महिलाओं में टाइप-२ डायबिटीज़ के मामले पिछले १० साल में ३ गुना […]
डायबिटीज़ में बुजुर्गों को अलग ट्रीटमेंट क्यों चाहिए?
भारत में ६० साल से ऊपर के लगभग हर तीसरे व्यक्ति को डायबिटीज़ है। लेकिन जब बात इलाज की आती है तो ज्यादातर बुजुर्ग मरीज कहते हैं – “डॉक्टर साहब, मेरी उम्र हो गई है, अब दवा ज्यादा क्यों बढ़ा रहे हो?” या “पहले वाली दवा से ही काम चल रहा था, नई दवा से […]
डायबिटीज़ में “थोड़ा तो चलेगा” कल्चर का खतरा
इंडिया में डायबिटीज़ के मरीजों की सबसे बड़ी दुश्मन कोई दवा नहीं, बल्कि वो छोटा-सा वाक्य है – “थोड़ा तो चलेगा”। शादी में एक गुलाब जामुन, दिवाली में दो लड्डू, जन्मदिन पर थोड़ा केक, ऑफिस में बिस्किट-चाय, पड़ोस वाले के घर में थोड़ा हलवा, रात को टीवी देखते हुए मुट्ठी भर नमकीन… ये “थोड़ा” हर […]