डायबिटीज़ में शुगर टेस्ट से ज्यादा जरूरी क्या मॉनिटर करना है?
डायबिटीज़ में ज्यादातर लोग दिन में २–४ बार ग्लूकोमीटर से शुगर चेक करते हैं और सोचते हैं कि बस यही काफी है। लेकिन हकीकत यह है कि शुगर टेस्ट से कहीं ज्यादा जरूरी कई अन्य चीजें मॉनिटर करना होता है। इंडिया में करोड़ों मरीजों का HbA1c अच्छा होने के बावजूद थकान, पैरों में जलन, सुन्नपन, […]
डायबिटीज़ में इंसुलिन डर क्यों बना रहता है?
डायबिटीज़ के मरीजों में इंसुलिन का नाम सुनते ही चेहरा बदल जाता है। “डॉक्टर साहब, इंसुलिन मत लिखिए… बस गोली से काम चलेगा” “इंसुलिन लगवाने से तो जिंदगी भर लगानी पड़ेगी” “इंसुलिन से वजन बहुत बढ़ जाता है ना?” “सुई लगवानी पड़ती है… बहुत दर्द होता होगा” इंडिया में आज भी इंसुलिन का डर इतना […]
डायबिटीज़ में इंटरनेट देखकर दवा बदलना कितना जोखिम भरा है?
डायबिटीज़ के मरीज आजकल यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और गूगल पर बहुत समय बिताते हैं। एक वीडियो में कोई कहता है “मेटफॉर्मिन छोड़ दीजिए, सिर्फ करेला जूस पीजिए”, दूसरा कहता है “ग्लिमेपिराइड बंद करो, यह किडनी खराब करती है”, तीसरा कहता है “यह नई आयुर्वेदिक दवा इंसुलिन से बेहतर है”। बहुत से मरीज सोचते हैं […]
डायबिटीज़ में दवा के साइड इफेक्ट पहचानना क्यों मुश्किल होता है?
डायबिटीज़ की दवा लेते समय बहुत से मरीजों को लगता है कि थकान, कमजोरी, पेट में गड़बड़, हाथ-पैर सुन्न होना या बार-बार जी मचलाना – ये सब “शुगर की वजह से” हो रहा है। लेकिन कई बार ये लक्षण दवा के साइड इफेक्ट होते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं और मरीज को पता ही […]
डायबिटीज़ में दवा छोड़ने के शुरुआती 7 दिन सबसे खतरनाक क्यों?
डायबिटीज़ में दवा छोड़ने का फैसला बहुत से मरीज लेते हैं। कभी “शुगर तो कंट्रोल में है” सोचकर, कभी “साइड इफेक्ट हो रहे हैं” डरकर, कभी आयुर्वेदिक दवा ट्राई करने के चक्कर में, कभी महँगी दवा का खर्च बचाने के लिए। लेकिन ज्यादातर लोग नहीं जानते कि दवा छोड़ने के शुरुआती 7 दिन सबसे ज्यादा […]
डायबिटीज़ में “एक गोली काफी है” वाली सोच क्यों गलत है?
डायबिटीज़ के मरीजों में सबसे आम बात यही सुनने को मिलती है – “डॉक्टर साहब, एक गोली काफी है ना? बस यही चलाऊँगा”। इंडिया में लाखों लोग सालों तक सिर्फ मेटफॉर्मिन या एक सल्फोनिलयूरिया दवा पर टिके रहते हैं। शुरुआत में शुगर कंट्रोल में रहती है, HbA1c ७ के आसपास रहता है, तो लगता है […]
डायबिटीज़ में फ्री शुगर कैंप की रिपोर्ट पर कितना भरोसा करें?
डायबिटीज़ के मरीजों के लिए फ्री शुगर कैंप बहुत आकर्षक लगते हैं। बाजार में, सोसाइटी में, मॉल में, धार्मिक जगहों पर या सरकारी कैंप में मुफ्त में ग्लूकोमीटर से शुगर चेक करा लेते हैं। रिपोर्ट देखकर लोग खुश हो जाते हैं या घबरा जाते हैं। लेकिन सवाल यह है – इन फ्री शुगर कैंप की […]
डायबिटीज़ में बार-बार लैब बदलने से रिपोर्ट क्यों कन्फ्यूज़ करती है?
डायबिटीज़ के मरीजों में सबसे आम शिकायत यही रहती है – “पिछली बार HbA1c ६.८ था, इस बार दूसरी लैब में ७.६ आ गया, क्या हो गया?” या “फास्टिंग १२५ थी, नई लैब में १४८ क्यों आई?”। एक ही महीने में २–३ लैब बदलने पर रिपोर्ट में ०.४ से १.२% तक का अंतर आ जाता […]
डायबिटीज़ में HbA1c ठीक लेकिन शरीर खराब क्यों महसूस करता है?
डायबिटीज़ के मरीजों में सबसे ज्यादा परेशानी वाली बात यही है – डॉक्टर कहते हैं “HbA1c तो ६.७ है, बहुत अच्छा कंट्रोल है”, लेकिन मरीज को लगता है “फिर भी थकान क्यों रहती है? पैरों में जलन क्यों है? सुबह उठते ही कमर दर्द क्यों होता है? दिनभर सुस्ती क्यों बनी रहती है?”। ये लक्षण […]