डायबिटीज़ में दवा के साथ गलत टाइमिंग की सबसे बड़ी गलती
डायबिटीज़ में दवा लेना तो सभी करते हैं, लेकिन दवा का सही समय न रखना सबसे बड़ी और सबसे छिपी हुई गलती बन जाती है। इंडिया में लाखों मरीज मेटफॉर्मिन, ग्लिमेपिराइड, सिटाग्लिप्टिन, इंसुलिन या GLP-1 एनालॉग दवाएँ लेते हैं, पर समय रोज़ बदलता रहता है। कभी ऑफिस की मीटिंग, कभी सुबह देर से उठना, कभी […]
डायबिटीज़ में इंसुलिन सही होने पर भी शुगर क्यों उछलती है?
डायबिटीज़ में इंसुलिन शुरू करने के बाद ज्यादातर मरीज उम्मीद करते हैं कि अब शुगर पूरी तरह कंट्रोल में रहेगी। लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। डॉक्टर ने जो डोज़ बताई है वही ले रहे हैं, समय पर इंजेक्शन लगा रहे हैं, फिर भी फास्टिंग १४०–१८० के बीच रहती है, खाना खाने के बाद २२०–३०० […]
डायबिटीज़ में दवा खाने के बाद भूख अचानक क्यों बढ़ जाती है?
डायबिटीज़ की दवा खाने के १–२ घंटे बाद बहुत से मरीजों को अचानक तेज़ भूख लगने लगती है। “अभी तो दवा ली थी, फिर भूख इतनी क्यों लग रही है?” “खाना खाया नहीं कि फिर से कुछ खाने का मन कर रहा है” “दवा के बाद मीठा खाने की क्रेविंग क्यों हो रही है?” इंडिया […]
डायबिटीज़ में दवा लेने के बाद कमजोरी क्यों महसूस होती है?
डायबिटीज़ के मरीज अक्सर शिकायत करते हैं – “दवा खा ली, फिर भी थकान और कमजोरी क्यों महसूस हो रही है?”। कई बार ऐसा लगता है कि दवा लेने से पहले तो उतना नहीं लगता था, लेकिन दवा के बाद शरीर में सुस्ती, हाथ-पैर भारी लगना, दिनभर नींद आना या चिड़चिड़ापन बढ़ जाना। इंडिया में […]
डायबिटीज़ में एक ही दवा अलग-अलग लोगों पर अलग असर क्यों करती है?
डायबिटीज़ के मरीज अक्सर आपस में बात करते हैं – “भाई, तुम्हें मेटफॉर्मिन से गैस होती है? मुझे तो बिल्कुल नहीं” या “मैंने ग्लिमेपिराइड १ mg ली, शुगर १०० पर आ गई, तुम्हें क्यों २ mg लेनी पड़ रही है?”। एक ही दवा, एक ही डोज़, फिर भी असर अलग-अलग। इंडिया में करोड़ों मरीज इसी […]
डायबिटीज़ में ‘शुगर नापना भूल जाना’ क्यों बड़ा रिस्क है?
डायबिटीज़ में सबसे बड़ी गलती क्या है? दवा छोड़ना? ज्यादा मीठा खाना? नहीं। सबसे खतरनाक गलती है – शुगर नापना भूल जाना। इंडिया में लाखों मरीज रोज़ाना सुबह-शाम ग्लूकोमीटर लगाते हैं, लेकिन कभी ऑफिस की भागदौड़ में, कभी परिवार की जिम्मेदारी में, कभी “आज तो ठीक लग रही है” सोचकर टेस्ट करना छोड़ देते हैं। […]
डायबिटीज़ में खुद से इंसुलिन डोज बढ़ाने का खतरा
डायबिटीज़ में इंसुलिन शुरू करने के बाद बहुत से मरीज खुद से डोज बढ़ाने लगते हैं। “आज शुगर १८० आई तो २ यूनिट और बढ़ा दूँ” “कल स्पाइक था तो आज ४ यूनिट एक्स्ट्रा ले लूँगा” “डॉक्टर ने १० यूनिट बताया था, लेकिन १४ ले रहा हूँ – कोई फर्क नहीं पड़ रहा” ये छोटी-छोटी […]
डायबिटीज़ में दवा बदलते समय किन लक्षणों पर ध्यान दें?
डायबिटीज़ में दवा बदलना एक बहुत सामान्य और जरूरी कदम है। HbA1c बढ़ने लगे, फास्टिंग या PP स्पाइक बार-बार आएँ, हाइपो के एपिसोड बढ़ने लगें या कोई नई जटिलता शुरू हो – ऐसे में डॉक्टर दवा का नाम, डोज़ या प्रकार बदल देते हैं। लेकिन दवा बदलने के बाद शरीर को नई दवा के साथ […]
डायबिटीज़ में एक ही दवा सालों तक लेना सही है?
डायबिटीज़ का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग एक ही दवा का नाम याद करते हैं – मेटफॉर्मिन। इंडिया में करोड़ों मरीज ५ साल, १० साल, १५ साल या उससे भी ज्यादा समय तक सिर्फ मेटफॉर्मिन या मेटफॉर्मिन + एक सल्फोनिलयूरिया दवा लेते चले आ रहे हैं। सवाल बहुत आम है: “डॉक्टर साहब, १० साल से […]