डायबिटीज़ में माइंड-बॉडी डिसकनेक्ट क्यों होता है?
डायबिटीज़ में बहुत से लोग कहते हैं – “शरीर में कुछ हो रहा है, पता ही नहीं चलता”, “पैर सुन्न हैं लेकिन दर्द नहीं होता”, “भूख लग रही है लेकिन खाने का मन नहीं करता”, “थकान बहुत है लेकिन नींद नहीं आती”। ये सभी लक्षण एक ही बात की ओर इशारा करते हैं – माइंड […]
डायबिटीज़ में ब्रेन फॉग: कब सीरियस लें?
डायबिटीज़ के मरीजों में सबसे ज्यादा शिकायत रहती है – “दिमाग सुस्त रहता है, कुछ याद नहीं रहता, फोकस बिल्कुल नहीं बनता”। सुबह उठते ही ऐसा लगता है जैसे दिमाग में कोहरे की परत चढ़ गई हो। नाम भूल जाते हैं, बात बीच में छूट जाती है, छोटा-मोटा फैसला लेने में भी घंटों लग जाते […]
डायबिटीज़ में ‘सब कंट्रोल में है’ का भ्रम
डायबिटीज़ के मरीजों में सबसे आम और सबसे खतरनाक भ्रम है – “सब कंट्रोल में है”। “शुगर कभी-कभी १६०–१८० तक जाती है, कोई बात नहीं” “दवा तो ले रहा हूँ, कोई लक्षण नहीं हैं तो चिंता क्यों करें” “डॉक्टर ने कुछ नहीं कहा, तो सब नॉर्मल है” “थोड़ा बढ़ा हुआ है, चल जाएगा” इंडिया में […]
डायबिटीज़ में लगातार निगेटिव सोच का फिजिकल असर
डायबिटीज़ के मरीजों में एक बहुत आम आदत बन चुकी है – लगातार निगेटिव सोच। “मेरी शुगर कभी कंट्रोल में नहीं आएगी”, “अब जीवन भर दवा खानी पड़ेगी”, “किडनी खराब हो जाएगी”, “मैं कुछ नहीं कर सकता”, “सब कुछ बेकार हो गया”। ये विचार दिन-रात दिमाग में घूमते रहते हैं। परिवार वाले कहते हैं “पॉजिटिव […]
डायबिटीज़ में सोशल कम्पैरिजन का मानसिक असर
डायबिटीज़ के मरीज अक्सर सोशल मीडिया या आसपास के लोगों को देखकर खुद से तुलना करने लगते हैं। “फलाँ की शुगर तो १०० के आसपास रहती है, मेरी क्यों १८०–२०० जाती है?”, “वो तो रोज़ जिम जाता है और मैं घर पर ही बैठा रहता हूँ”, “उसकी दवा कम है, मेरी डोज़ क्यों बढ़ती जा […]
डायबिटीज़ में मल्टीटास्किंग से शुगर क्यों बिगड़ती है?
इंडिया में आजकल हर दूसरा व्यक्ति मल्टीटास्किंग करता है। सुबह ऑफिस का काम, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू काम, फोन पर बातें, व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग – सब एक साथ। डायबिटीज़ के मरीज भी इससे अछूते नहीं हैं। वे सोचते हैं कि “मैं तो सब कुछ साथ में मैनेज कर लेता हूँ, शुगर पर क्या […]
डायबिटीज़ में नींद से उठते ही उदासी क्यों?
सुबह-सुबह आँख खुलते ही ऐसा लगता है जैसे कोई भारी बोझ सीने पर रख दिया हो। उत्साह नाम की चीज़ गायब, छोटी-छोटी बातों में मन नहीं लगता, परिवार से बात करने का भी जी नहीं करता। बहुत से डायबिटीज़ मरीज यही शिकायत करते हैं – “रात को ठीक सोता हूँ, लेकिन सुबह उठते ही उदासी […]
डायबिटीज़ में खुद पर गुस्सा आना: साइकोलॉजिकल असर
डायबिटीज़ का नाम सुनते ही बहुत से लोगों का मन उदास हो जाता है। लेकिन कुछ मरीजों में यह उदासी से आगे बढ़कर गुस्से में बदल जाती है – और वह गुस्सा सबसे पहले खुद पर निकलता है। “क्यों मेरे साथ ही ऐसा हुआ?”, “मैंने क्या गलत खाया कि यह बीमारी हो गई?”, “अब जीवन […]