डायबिटीज़ में परिवार का डर मरीज की शुगर कैसे बढ़ाता है?
डायबिटीज़ की रिपोर्ट आते ही घर में सबसे पहले जो भावना उभरती है, वह है डर। मरीज का डर – “अब क्या होगा?” परिवार का डर – “हमारा बच्चा/पति/पत्नी/माँ-पापा अब कैसे जिएंगे?” यह दोहरा डर चुपचाप सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है। मरीज छुपाने लगता है, परिवार मजबूर करने लगता है और बीच में शुगर […]
डायबिटीज़ में रिश्तेदारों की सलाह कब जहर बनती है?
भारत में डायबिटीज़ का नाम सुनते ही सबसे पहले रिश्तेदारों की सलाह आने लगती है। “भैया, करेला का जूस पी लो, शुगर एकदम कंट्रोल हो जाएगी” “मेरी मौसी ने गुड़-शहद लेना शुरू किया, दवा छोड़ दी” “त्योहार है, आज तो मिठाई खा लो, कल से छोड़ देना” “दवा इतनी मत लो, किडनी खराब हो जाएगी” […]
डायबिटीज़ में सोशल दबाव खाने पर कैसे असर डालता है?
भारत में डायबिटीज़ का पता चलते ही सबसे पहले घर-परिवार और रिश्तेदारों की तरफ से जो बात सबसे ज्यादा सुनने को मिलती है – “अरे थोड़ा-सा खा ले, इतना मत सोचो” “हमारे हाथ का बना है, मना मत करो” “त्योहार है, आज तो खा लो” यह सुनकर लगता है जैसे सबका प्यार है, लेकिन असल […]
डायबिटीज़ में शहर की तेज़ लाइफ शुगर क्यों बिगाड़ती है?
शहर की चमक-दमक, ऊँची इमारतें, मेट्रो की रफ्तार, ऑफिस की डेडलाइन, ट्रैफिक जाम, देर रात तक जागना और सुबह जल्दी उठना – यह सब सुनने में बहुत आकर्षक लगता है। लेकिन डायबिटीज़ वाले व्यक्ति के लिए यही “तेज़ लाइफ” चुपचाप सबसे बड़ा दुश्मन बन जाती है। इंडिया के महानगरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, […]
डायबिटीज़ में गांव की देसी आदतें कब नुकसान करती हैं?
भारत के गांवों में डायबिटीज़ अब कोई नई बात नहीं रही। लेकिन ज्यादातर लोग इसे अभी भी “शहरी बीमारी” या “अमीरों की बीमारी” समझते हैं। गांव में खुली हवा, खेती का काम, घर का बना खाना – ये सब सुनने में बहुत अच्छा लगता है, लेकिन जब बात डायबिटीज़ कंट्रोल की आती है तो कई […]
डायबिटीज़ में बुजुर्गों की शुगर अलग तरह से क्यों बिहेव करती है?
भारत में ६० साल से ऊपर की उम्र के ज्यादातर डायबिटीज़ मरीजों की सबसे आम शिकायत यही रहती है – “कल तो १२० थी, आज सुबह १८० क्यों आ गई?” “दवा तो वही ली है, खाना भी वैसा ही था, फिर भी शुगर अलग-अलग क्यों आ रही है?” “हाइपो का अंदाज़ा ही नहीं लगता, अचानक […]
डायबिटीज़ में महिलाओं की बीमारी को हल्के में क्यों लिया जाता है?
भारत में जब किसी महिला को डायबिटीज़ का पता चलता है तो घर में पहली बात अक्सर यही होती है – “अरे, थोड़ी सी शुगर है… घर संभालो, दवा लेते रहो, सब ठीक हो जाएगा।” यह वाक्य सुनकर लगता है जैसे बीमारी बहुत छोटी-मोटी है। लेकिन हकीकत में महिलाओं में डायबिटीज़ पुरुषों की तुलना में […]
डायबिटीज़ में ऑफिस का स्ट्रेस सबसे बड़ा ट्रिगर क्यों है?
भारत में डायबिटीज़ के मरीजों की सबसे बड़ी शिकायत यही सुनने को मिलती है – “ऑफिस में टेंशन रहती है तो शुगर कंट्रोल से बाहर चली जाती है”। सुबह घर से निकलते समय फास्टिंग १२५ थी, ऑफिस पहुँचते-पहुँचते ट्रैफिक जाम, बॉस का मेल, डेडलाइन का प्रेशर – और शाम को चेक किया तो २१०–२४०। कई […]