डायबिटीज़ में रिपोर्ट ठीक पर शरीर क्यों नहीं?
डायबिटीज़ में सबसे आम शिकायत सुनने को मिलती है – “डॉक्टर साहब रिपोर्ट तो ठीक है, HbA1c भी ६.८ है, फिर भी शरीर ऐसा क्यों लगता है जैसे बीमारी बढ़ रही हो?” पैरों में झुनझुनी, शाम को बहुत थकान, कभी-कभी आँखों में धुंध, हाथ-पैर सुन्न पड़ना, बार-बार पेशाब आना, रात में नींद पूरी न होना […]
डायबिटीज़ में दवा से ज्यादा लाइफस्टाइल क्यों बोलती है?
डायबिटीज़ का नाम सुनते ही सबसे पहले दवा की बात आती है। मरीज सोचता है – “डॉक्टर ने दवा दी है तो बस लेता रहूँगा, शुगर कंट्रोल हो जाएगी”। लेकिन हकीकत में ज्यादातर मामलों में दवा अकेले बहुत कम असर करती है। असली खेल लाइफस्टाइल का होता है। इंडिया में करोड़ों लोग दवा तो नियमित […]
डायबिटीज़ में मशीन सही लेकिन रीडिंग गलत क्यों?
डायबिटीज़ में रोज़ शुगर चेक करना जीवन का हिस्सा बन जाता है। लेकिन बहुत से मरीजों की शिकायत रहती है – “मशीन तो बिल्कुल नई है, सही ब्रांड की है, फिर भी रीडिंग कभी १२०, कभी अचानक १९०, कभी बिना वजह ७०–८० आ जाती है”। दवा समय पर ली जा रही है, खान-पान पर ध्यान […]
डायबिटीज़ में टेस्ट स्ट्रिप स्टोर करने की आम गलती
डायबिटीज़ में रोज़ाना शुगर नापना जीवन का हिस्सा बन जाता है। लेकिन बहुत से मरीजों की रिपोर्ट रोज़ बदलती रहती है – कभी १२०, कभी अचानक १८०–२००, कभी बिना वजह ६०–७०। दवा, खाना, एक्सरसाइज़ सब सही होने के बावजूद रीडिंग में बार-बार उतार-चढ़ाव क्यों? ज्यादातर मामलों में असली वजह ग्लूकोमीटर या टेस्ट स्ट्रिप नहीं – […]
डायबिटीज़ में दवा और एक्सरसाइज़ का गलत तालमेल
डायबिटीज़ के मरीजों में सबसे आम गलतियों में से एक है – दवा तो समय पर ले ली, एक्सरसाइज़ भी रोज़ कर ली, लेकिन दोनों का तालमेल नहीं बैठ पाया। कई लोग सुबह खाली पेट दवा लेते हैं और फिर १ घंटे बाद तेज़ एक्सरसाइज़ शुरू कर देते हैं। नतीजा? ४५ मिनट बाद कंपकंपी, पसीना, […]