डायबिटीज़ में गांव और शहर की लाइफस्टाइल का फर्क
भारत में डायबिटीज़ अब सिर्फ शहरों की बीमारी नहीं रह गई है। गांवों में भी यह बीमारी तेजी से फैल रही है। लेकिन बहुत से लोग हैरान होते हैं कि एक ही देश में रहते हुए गांव और शहर के मरीजों की स्थिति में इतना बड़ा फर्क क्यों दिखता है? एक तरफ गांव में खेती-किसानी […]
डायबिटीज़ में त्योहारों के बाद शुगर क्यों बिगड़ जाती है?
त्योहार आते ही घर में मिठाई, नमकीन, पूरी, हलवा, फरसाण, खीर, जलीबी, गुजिया का ढेर लग जाता है। परिवार वाले कहते हैं – “बस आज तो खा लो, कल से फिर कंट्रोल में लाएंगे”। लेकिन कल आने से पहले ही शुगर २५०–३५० तक पहुँच जाती है। सुबह फास्टिंग हाई, थकान बढ़ जाती है, मुंह सूखने […]
डायबिटीज़ में शादी-ब्याह का खाना कैसे मैनेज करें?
शादी-ब्याह के मौके पर डायबिटीज़ वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं। एक तरफ परिवार-रिश्तेदारों का दबाव – “थोड़ा सा तो खा लो, आज तो छूट है”, दूसरी तरफ मन में डर – “एक बार खा लिया तो शुगर ३०० पार कर जाएगी”। इंडिया में शादी-ब्याह का खाना इतना भारी, तेल-मसालेदार और मीठा होता है […]
भारत में दुबले लोगों को भी डायबिटीज़ क्यों हो रही है?
भारत में डायबिटीज़ अब सिर्फ मोटापे की बीमारी नहीं रह गई है। पिछले १५-२० सालों में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है – BMI १९ से २३ के बीच वाले, दिखने में पूरी तरह दुबले-पतले लोग भी टाइप-2 डायबिटीज़ के शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर्स इसे “Lean Diabetes” या “Non-obese Type 2 Diabetes” कहते […]
डायबिटीज़ में इलाज से पहले समझ क्यों जरूरी है?
डायबिटीज़ में ज्यादातर लोग इलाज शुरू करते ही हैं – दवा ले ली, इंसुलिन शुरू कर दिया, डॉक्टर की सलाह मान ली। लेकिन इलाज से पहले बीमारी को समझना छोड़ देते हैं। नतीजा? दवा चलती है, लेकिन लक्षण बने रहते हैं। थकान, पैरों में जलन, सुन्नपन, खाने के बाद भारीपन – ये सब जारी रहता […]
डायबिटीज़ में लंबे समय तक एक ही दवा क्यों फेल होती है?
डायबिटीज़ की शुरुआत में ज्यादातर मरीजों को लगता है कि एक दवा जीवन भर चलेगी। मेटफॉर्मिन शुरू हुई तो HbA1c ७ से नीचे आ गया। ग्लिमेपिराइड जोड़ी तो और बेहतर कंट्रोल। लेकिन ५–७ साल बाद वही दवा कमजोर पड़ने लगती है। फास्टिंग १४०–१६०, पोस्टप्रैंडियल २००–२५० के आसपास चली जाती है। डॉक्टर दूसरी दवा जोड़ते हैं, […]
डायबिटीज़ में दवा लेते हुए भी हाइपो क्यों होता है?
डायबिटीज़ में दवा लेने का मकसद शुगर को कंट्रोल में रखना है, लेकिन कई बार यही दवा अचानक शुगर को इतना नीचे ले आती है कि मरीज को ठंडा पसीना, कंपकंपी, घबराहट, चक्कर और कमजोरी जैसा महसूस होने लगता है। इसे हाइपोग्लाइसीमिया या हाइपो कहते हैं। इंडिया में ग्लिमेपिराइड, ग्लाइक्लाज़ाइड, इंसुलिन और कभी-कभी अन्य दवाओं […]
डायबिटीज़ में रिपोर्ट ठीक लेकिन कंट्रोल क्यों नहीं?
डायबिटीज़ में सबसे ज्यादा सुनाई देने वाली बात यही है – “डॉक्टर साहब, HbA1c तो ६.७ है, रिपोर्ट तो बहुत अच्छी है… फिर भी थकान क्यों रहती है? पैरों में जलन क्यों है? सुबह उठते ही कमर दर्द क्यों होता है? खाने के बाद भारीपन क्यों लगता है?” डॉक्टर रिपोर्ट देखकर कहते हैं – “HbA1c […]
डायबिटीज़ में शुगर मशीन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा?
डायबिटीज़ में घरेलू ग्लूकोमीटर (शुगर मशीन) आज हर मरीज की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। सुबह उठते ही फास्टिंग चेक, खाने के २ घंटे बाद पोस्टप्रैंडियल, कभी-कभी रात को भी रैंडम टेस्ट। मशीन पर इतना भरोसा बढ़ गया है कि बहुत से लोग डॉक्टर की लैब रिपोर्ट से पहले घर की रीडिंग को ही […]