डायबिटीज़ केवल ब्लड शुगर की बीमारी नहीं है — यह पूरे शरीर को प्रभावित करती है, खासकर त्वचा और पैरों की सेहत को। बहुत से डायबिटिक मरीज फटी एड़ियों, शुष्क त्वचा, और त्वचा संक्रमण से परेशान रहते हैं। अगर इन समस्याओं को नजरअंदाज किया जाए, तो यह गंभीर संक्रमण, घाव या डायबेटिक फुट अल्सर तक बन सकते हैं।
इस ब्लॉग में जानिए डायबिटीज़ में त्वचा और एड़ियों की समस्याओं के कारण, इसके खतरे, और सही देखभाल के घरेलू और चिकित्सकीय उपाय।
डायबिटीज़ में फटी एड़ियों के कारण
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नसों की कमजोरी (Neuropathy):
डायबिटीज़ में पैरों की नसें सुस्त हो जाती हैं जिससे त्वचा में सूखापन आता है। -
पसीने की कमी:
डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण पैरों में पसीना कम आता है, जिससे एड़ियों की त्वचा रूखी होकर फटने लगती है। -
खून का संचार कम होना:
डायबिटीज़ में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे घाव जल्दी भरते नहीं और सूखापन बढ़ता है। -
शुगर असंतुलन:
ज्यादा या बार-बार अस्थिर ब्लड शुगर लेवल शरीर की स्किन बैरियर को कमजोर करता है।
जोखिम क्या है?
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संक्रमित एड़ियां (Infected Heels)
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पैरों में छाले या घाव
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फंगल इन्फेक्शन
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डायबेटिक फुट अल्सर का खतरा
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गंभीर मामलों में गैंग्रीन और अंग हटाने तक की नौबत
फटी एड़ियों के लक्षण
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एड़ियों में दरारें
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स्किन का सफेद, सूखा और खुरदुरा हो जाना
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खुजली और जलन
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खून आना या मवाद बनना
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चलने में दर्द
डायबिटीज़ में त्वचा और एड़ियों की देखभाल कैसे करें?
1. मॉइस्चराइज करें – रोजाना
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स्नान के बाद पैरों को अच्छी तरह सुखाकर मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाएं।
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यूरिया, ग्लिसरीन या लैक्टिक एसिड युक्त क्रीम प्रभावी होती हैं।
2. गुनगुने पानी से पैर धोएं
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बहुत गर्म पानी से परहेज करें, यह त्वचा को और सूखा बना देता है।
3. हल्के साबुन का इस्तेमाल करें
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तेज खुशबू वाले साबुन स्किन को और ड्राय कर सकते हैं।
4. कॉटन मोजे पहनें
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पसीना सोखते हैं और फंगल इन्फेक्शन से बचाते हैं।
5. दरारों को गहरा न होने दें
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नियमित रूप से एड़ियों की मृत त्वचा को प्यूमिक स्टोन या फुट फाइल से हल्के से साफ करें।
क्या न करें?
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दरारों को खुरचें नहीं
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एड़ियों में ब्लेड या तेज चीज़ों से कटिंग न करें
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घरेलू उपाय जैसे नींबू या बेकिंग सोडा बिना सलाह के न अपनाएं
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खुले पैर (स्लीपर, चप्पल) पहनकर बाहर न जाएं
घरेलू उपाय (सावधानी से करें)
| उपाय | विधि |
|---|---|
| नारियल तेल | रात को लगाने से स्किन सॉफ्ट होती है |
| घी | त्वचा की नमी बनाए रखता है |
| एलोवेरा जेल | एंटीसेप्टिक और मॉइस्चराइजिंग गुण |
| शहद | फटी त्वचा में प्राकृतिक हीलिंग एजेंट |
नोट: यदि दरारें गहरी या संक्रमित हों, तो घरेलू उपाय न करें, डॉक्टर से मिलें।
कब डॉक्टर से मिलें?
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यदि एड़ियों से खून या मवाद आ रहा हो
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त्वचा लाल, गर्म या सूजी हुई हो
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फंगल संक्रमण या बदबू हो
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घाव 7-10 दिनों में न भरे
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ब्लड शुगर नियंत्रण में न हो
त्वचा की अन्य समस्याएं डायबिटीज़ में
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खुजली और रूखी त्वचा
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फंगल इन्फेक्शन (खासकर अंगुलियों के बीच)
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काले धब्बे (Acanthosis Nigricans)
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त्वचा पर छोटे फोड़े या गांठें
FAQs
Q1. डायबिटीज़ में फटी एड़ियों से क्या खतरा हो सकता है?
यदि समय रहते इलाज न हो, तो संक्रमण और अल्सर का खतरा होता है।
Q2. क्या बाजार में मिलने वाली फुट क्रीम डायबिटिक मरीज इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन क्रीम में सुगंध या रसायन न हों। डॉक्टर से क्रीम की सिफारिश लें।
Q3. क्या फटी एड़ियों के लिए प्यूमिक स्टोन रोज़ इस्तेमाल कर सकते हैं?
सप्ताह में 2-3 बार हल्के से इस्तेमाल करें। ज़्यादा रगड़ने से स्किन कट सकती है।
Q4. क्या डायबिटीज़ के मरीजों को पेडीक्योर कराना चाहिए?
घर पर ही सफाई करना बेहतर है। सैलून में हाइजीन न हो तो संक्रमण का खतरा होता है।
Q5. क्या फटी एड़ियों का मतलब ब्लड शुगर अनियंत्रित है?
यह संकेत हो सकता है, लेकिन पुष्टि के लिए शुगर टेस्ट जरूरी है।