गर्मी का मौसम न केवल सामान्य लोगों के लिए बल्कि डायबिटीज़ (मधुमेह) मरीजों के लिए भी कई स्वास्थ्य समस्याएं ला सकता है। अत्यधिक गर्मी रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित कर सकती है और हाइपोग्लाइसीमिया (निम्न रक्त शर्करा) तथा हाइपरग्लाइसीमिया (उच्च रक्त शर्करा) दोनों का खतरा बढ़ा सकती है।
गर्मी का डायबिटीज़ मरीजों पर प्रभाव
गर्मी के मौसम में शरीर के तापमान को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। डायबिटीज़ मरीजों में गर्मी सहन करने की क्षमता कम होती है, जिससे वे अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। गर्मी के कारण पानी की कमी, डीहाइड्रेशन और ब्लड शुगर लेवल में असंतुलन हो सकता है।
1. अत्यधिक गर्मी से हाइपोग्लाइसीमिया कैसे बढ़ता है?
हाइपोग्लाइसीमिया तब होता है जब रक्त शर्करा स्तर सामान्य से बहुत कम हो जाता है। गर्मी के कारण यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है:
- पसीना अधिक निकलना: अधिक पसीना आने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड शुगर कम हो सकता है।
- इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ना: गर्मी के कारण शरीर इंसुलिन को अधिक प्रभावी तरीके से अवशोषित करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है।
- भूख कम लगना: गर्मी के कारण कई लोगों को भूख कम लगती है, जिससे भोजन का सेवन कम होता है और ब्लड शुगर लो हो सकता है।
2. अत्यधिक गर्मी से हाइपरग्लाइसीमिया कैसे बढ़ता है?
हाइपरग्लाइसीमिया तब होता है जब रक्त शर्करा स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। गर्मी के कारण इसके बढ़ने के प्रमुख कारण हैं:
- डीहाइड्रेशन: गर्मी में पानी की कमी से ब्लड शुगर अधिक केंद्रित हो जाता है और बढ़ सकता है।
- तनाव और हार्मोनल परिवर्तन: गर्मी शरीर में तनाव बढ़ा सकती है, जिससे कोर्टिसोल और अन्य हार्मोन सक्रिय होते हैं, जो ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं।
- भोजन की अनियमितता: गर्मी में खाने-पीने की दिनचर्या बिगड़ सकती है, जिससे ब्लड शुगर असंतुलित हो सकता है।
गर्मी में डायबिटीज़ मरीजों के लिए बचाव के उपाय
डायबिटीज़ मरीजों को गर्मी में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि वे हाइपोग्लाइसीमिया और हाइपरग्लाइसीमिया से बच सकें।
1. हाइड्रेटेड रहें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि डीहाइड्रेशन से बचा जा सके।
- इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय पदार्थ लें, लेकिन बिना अतिरिक्त शुगर के।
2. ब्लड शुगर नियमित रूप से जांचें
- दिन में कई बार ब्लड शुगर की जांच करें, खासकर बाहर निकलने से पहले और बाद में।
- किसी भी असामान्यता पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
3. उचित आहार लें
- हल्का और संतुलित आहार लें, जिसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर हो।
- बहुत ज्यादा मीठे या तले-भुने भोजन से बचें।
4. दवाइयों और इंसुलिन को सही तापमान पर रखें
- इंसुलिन और अन्य दवाओं को ठंडी जगह पर स्टोर करें क्योंकि अत्यधिक गर्मी से उनकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।
5. गर्मी में बाहर निकलने से बचें
- सुबह और शाम के ठंडे समय में ही बाहर निकलें।
- यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और छाया में रहें।
गर्मी के मौसम में डायबिटीज़ मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह हाइपोग्लाइसीमिया और हाइपरग्लाइसीमिया दोनों के खतरे को बढ़ा सकती है। सही आहार, नियमित ब्लड शुगर जांच, हाइड्रेशन और दवाओं का सही रखरखाव इन समस्याओं से बचने में मदद कर सकता है। यदि किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
FAQs
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गर्मी में डायबिटीज़ मरीजों को सबसे ज्यादा किस समस्या का सामना करना पड़ता है?
गर्मी में डायबिटीज़ मरीजों को डीहाइड्रेशन, हाइपोग्लाइसीमिया और हाइपरग्लाइसीमिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। -
गर्मी में डायबिटीज़ मरीजों को कितनी बार पानी पीना चाहिए?
उन्हें दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय लेना चाहिए। -
क्या गर्मी में इंसुलिन का प्रभाव कम हो जाता है?
हाँ, अत्यधिक गर्मी इंसुलिन की प्रभावशीलता को कम कर सकती है, इसलिए इसे ठंडी जगह पर स्टोर करना जरूरी है। -
गर्मी में ब्लड शुगर को संतुलित रखने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
नियमित ब्लड शुगर जांच, संतुलित आहार, उचित मात्रा में पानी पीना और दवाओं का सही तरीके से सेवन करना आवश्यक है। -
गर्मी के कारण हाइपोग्लाइसीमिया होने पर क्या करें?
तुरंत कुछ मीठा खाएं, जैसे ग्लूकोज टैबलेट या फलों का रस, और यदि स्थिति गंभीर हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।