tap.health logo
  • Diabetes Management
  • Health Assistant
  • About Us
  • Blog
  • Contact Us
Get Plan
  • Diabetes Management
  • Health Assistant
  • About Us
  • Blog
  • Contact Us
  • All Blogs
  • Hindi
  • उच्च रक्तचाप के अचानक बढ़ने के कारण, लक्षण और समाधान

उच्च रक्तचाप के अचानक बढ़ने के कारण, लक्षण और समाधान

Hindi
September 13, 2024
• 9 min read
Naimish Mishra
Written by
Naimish Mishra
ChatGPT Perplexity WhatsApp LinkedIn X Grok Google AI
causes-of-sudden-high-blood-pressure

उच्च रक्तचाप, जिसे आमतौर पर ‘हाई ब्लड प्रेशर‘ कहा जाता है, एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। जब रक्तचाप अचानक बढ़ता है, तो यह दिल, गुर्दे, मस्तिष्क और आंखों पर भारी प्रभाव डाल सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे इस समस्या को समझकर हम अपनी सेहत का ध्यान रख सकते हैं।

उच्च रक्तचाप क्या है?

उच्च रक्तचाप तब होता है जब धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। इसे मापने के लिए दो संख्याएं उपयोग की जाती हैं: सिस्टोलिक (ऊपरी) और डायस्टोलिक (निचली) रक्तचाप। जब यह दबाव 140/90 मिमी पारा स्तंभ (mmHg) या इससे अधिक हो, तो इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी फेल होना।

उच्च रक्तचाप के अचानक बढ़ने के सामान्य कारण

तनाव और चिंता:
तनाव और चिंता उच्च रक्तचाप का एक सामान्य कारण हैं। जब व्यक्ति किसी कठिन परिस्थिति में होता है, तो शरीर में तनाव हार्मोन (जैसे एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल) का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे रक्तचाप तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि यह अस्थायी हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक तनाव में रहना खतरनाक साबित हो सकता है।

अत्यधिक नमक का सेवन:
अत्यधिक नमक के सेवन से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्तचाप बढ़ने का खतरा होता है। हमारे दैनिक आहार में अत्यधिक नमक की उपस्थिति ब्लड प्रेशर को असंतुलित कर सकती है और अचानक बढ़ने का कारण बन सकती है।

आकस्मिक शारीरिक सक्रियता:
यदि कोई व्यक्ति अचानक से भारी शारीरिक कार्य करता है या अत्यधिक व्यायाम करता है, तो उसके रक्तचाप में अचानक वृद्धि हो सकती है। शरीर को तीव्र गतिविधि के लिए तैयार न होने पर यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

शराब और कैफीन का अत्यधिक सेवन:
शराब और कैफीन जैसे पदार्थ रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकते हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। एक बार में अत्यधिक मात्रा में इनका सेवन करने से रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है।

धूम्रपान:
धूम्रपान से धमनियों की दीवारें कठोर हो जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट आती है। यह रक्तचाप को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण है।

स्वास्थ्य संबंधी कारक जो उच्च रक्तचाप को प्रभावित कर सकते हैं

अत्यधिक वजन या मोटापा:
मोटापे के कारण रक्तचाप में असंतुलन आ सकता है। जब शरीर में चर्बी की मात्रा अधिक हो जाती है, तो हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप बढ़ने का खतरा होता है।

गर्भावस्था के दौरान रक्तचाप का बढ़ना:
गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव और शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ने से महिलाओं में उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। इस स्थिति को प्रीक्लेम्पसिया कहा जाता है और यह गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है।

अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल:
कोलेस्ट्रॉल धमनियों की दीवारों पर जमा हो सकता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और हृदय को रक्त को पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे रक्तचाप बढ़ने का खतरा होता है।

किडनी से संबंधित समस्याएं:
किडनी की समस्याओं के कारण शरीर में नमक और पानी की मात्रा असंतुलित हो जाती है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है। गुर्दों की खराबी रक्तचाप को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है।

हार्मोनल असंतुलन के कारण

हार्मोनल असंतुलन के कारण भी अचानक से रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है। उदाहरण के लिए, थायरॉयड ग्रंथि की असामान्य गतिविधि से रक्तचाप प्रभावित हो सकता है। अधिवृक्क ग्रंथि से संबंधित समस्या, जैसे कि फियोक्रोमोसाइटोमा, भी अचानक से उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है।

जेनेटिक कारण और पारिवारिक इतिहास

उच्च रक्तचाप के कारणों में पारिवारिक इतिहास और जेनेटिक कारक भी शामिल हो सकते हैं। यदि आपके माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्य उच्च रक्तचाप से पीड़ित रहे हैं, तो आपके उच्च रक्तचाप से प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। यह जेनेटिक प्रवृत्तियां कभी-कभी जीवनशैली और आहार में सुधार के बावजूद भी उच्च रक्तचाप का कारण बन सकती हैं।

औषधियों के दुष्प्रभाव

कुछ दवाएं, जैसे कि दर्द निवारक दवाएं, एंटी-डिप्रेसेंट्स, और हॉर्मोनल औषधियां भी रक्तचाप बढ़ने का कारण हो सकती हैं। कई बार इन दवाओं का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के किया जाता है, जो रक्तचाप में असंतुलन का कारण बन सकता है।

ऊंचाई या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने का प्रभाव

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने से भी रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है। यह शरीर के ऑक्सीजन लेवल को प्रभावित करता है और हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप अचानक से बढ़ सकता है। उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों को अपने रक्तचाप की नियमित निगरानी करनी चाहिए।

भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रभाव

भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य का भी रक्तचाप पर सीधा प्रभाव होता है। अवसाद, गुस्सा, उदासी, और चिंता जैसे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे रक्तचाप में अचानक वृद्धि का कारण बन सकते हैं। मानसिक तनाव को कम करके और जीवनशैली में सुधार करके इस समस्या से बचा जा सकता है।

स्लीप एपनिया और रक्तचाप का संबंध

स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति की सांस रात में सोते समय रुक जाती है। यह स्थिति हृदय पर दबाव बढ़ाती है और रक्तचाप में वृद्धि का कारण बन सकती है। स्लीप एपनिया से पीड़ित लोगों को उच्च रक्तचाप की संभावना अधिक होती है।

अनियमित दिनचर्या और जीवनशैली

अनियमित दिनचर्या और खराब जीवनशैली भी उच्च रक्तचाप का एक मुख्य कारण हो सकती है। देर रात तक जागना, असंतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और व्यायाम न करना रक्तचाप को बढ़ाने के कारक हो सकते हैं। एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

खान-पान की आदतें और उच्च रक्तचाप

खान-पान की गलत आदतें, जैसे कि जंक फूड, अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन, और चीनी की अधिक मात्रा भी उच्च रक्तचाप को बढ़ावा दे सकती है। संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

उच्च रक्तचाप के लक्षण

उच्च रक्तचाप के कई लक्षण हो सकते हैं, जो व्यक्ति को महसूस हो सकते हैं। इनमें सिर दर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, और नाक से खून आना शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कई बार यह लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए रक्तचाप की नियमित जांच कराना महत्वपूर्ण होता है।

उच्च रक्तचाप से बचाव के उपाय

उच्च रक्तचाप से बचने के लिए सबसे पहले स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन, धूम्रपान और शराब से बचना, और समय-समय पर रक्तचाप की जांच कराना इस समस्या से बचाव के प्रमुख उपाय हो सकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन भी आवश्यक है।

उच्च रक्तचाप के लिए उपचार

उच्च रक्तचाप का उपचार सामान्यत: जीवनशैली में सुधार और दवाओं के माध्यम से किया जाता है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इसके अलावा, नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराना और आवश्यकतानुसार चिकित्सा सलाह लेना आवश्यक होता है।

उच्च रक्तचाप और आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद में उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए कई जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उपचारों का वर्णन किया गया है। जैसे कि अर्जुन की छाल, आंवला, और शंखपुष्पी। ये प्राकृतिक औषधियां रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती हैं।

उच्च रक्तचाप के लिए योग और ध्यान

योग और ध्यान उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राणायाम, शवासन, और ध्यान जैसे योग अभ्यास न केवल रक्तचाप को कम करते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं, जिससे तनाव कम होता है। नियमित योग अभ्यास करने से रक्तचाप के स्तर को संतुलित किया जा सकता है।

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक उपाय

जब उच्च रक्तचाप की बात आती है, तो कई लोग दवाओं पर निर्भर रहते हैं, लेकिन कुछ प्राकृतिक उपाय भी होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं। इन उपायों को अपनाकर न केवल आप अपने रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि अपनी समग्र सेहत में भी सुधार ला सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे प्राकृतिक उपाय:

लहसुन का सेवन:
लहसुन को उच्च रक्तचाप के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद एलिसिन नामक यौगिक रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है। लहसुन को कच्चा खाने से अधिक लाभ होता है, लेकिन इसे अपने भोजन में शामिल करने से भी फायदा होता है।

तुलसी और शहद का मिश्रण:
तुलसी के पत्तों का रस और शहद का मिश्रण भी उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक हो सकता है। तुलसी में मौजूद पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन सी रक्तचाप को संतुलित करने में मदद करते हैं। इसे रोज़ सुबह खाली पेट सेवन करने से लाभ होता है।

आंवला का सेवन:
आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो दिल को स्वस्थ रखने और रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसे आप जूस के रूप में, कच्चे आंवले का सेवन करके या फिर आंवला पाउडर का उपयोग कर सकते हैं।

मेथी के बीज:
मेथी के बीज उच्च रक्तचाप के लिए एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय माने जाते हैं। आप रात को मेथी के बीज पानी में भिगोकर रख सकते हैं और सुबह इसे खाली पेट चबा सकते हैं। इससे रक्तचाप को संतुलित करने में मदद मिलती है।

नारियल पानी:
नारियल पानी में पोटेशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। नियमित रूप से नारियल पानी पीने से उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है।

उच्च रक्तचाप के लिए आहार योजना

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद महत्वपूर्ण होता है। आहार योजना में शामिल खाद्य पदार्थों का ध्यान रखना चाहिए, जो आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकें। यहां एक आहार योजना दी गई है जो उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है:

फलों और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं:
फलों और सब्जियों में फाइबर, पोटेशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अपने आहार में ताजे फल जैसे सेब, केला, संतरा, पपीता, और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें।

साबुत अनाज:
साबुत अनाज, जैसे कि दलिया, ब्राउन राइस और ओट्स, आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर और पोषक तत्व रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

कम वसा वाले डेयरी उत्पाद:
कम वसा वाले दूध, दही, और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक होते हैं। इनमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन आपके दिल की सेहत के लिए लाभकारी होते हैं।

ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ:
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे मछली (सैल्मन, मैकरल), अलसी के बीज, और अखरोट, उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं। ये आपके दिल को स्वस्थ रखते हैं और धमनियों में जमा वसा को कम करते हैं।

अत्यधिक नमक और चीनी का सेवन कम करें:
अत्यधिक नमक और चीनी का सेवन आपके रक्तचाप को बढ़ा सकता है। आपको अपने आहार में नमक की मात्रा को सीमित करना चाहिए। चीनी की अधिकता से वजन बढ़ने का खतरा होता है, जो उच्च रक्तचाप का मुख्य कारण बन सकता है।

जीवनशैली में सुधार और उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए केवल आहार ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार करना भी बेहद जरूरी होता है। कुछ बुनियादी जीवनशैली सुधार आपको रक्तचाप को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप किन तरीकों से अपने जीवनशैली में सुधार ला सकते हैं:

नियमित व्यायाम करें:
नियमित शारीरिक गतिविधि न केवल आपके हृदय को स्वस्थ रखती है, बल्कि उच्च रक्तचाप को कम करने में भी मदद करती है। हल्के योग, तेज़ चलना, साइकलिंग, या तैराकी जैसी गतिविधियों को अपने दैनिक रूटीन में शामिल करें। हर दिन कम से कम 30 मिनट का व्यायाम उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक हो सकता है।

धूम्रपान और शराब का सेवन बंद करें:
धूम्रपान और शराब का सेवन आपकी धमनियों को संकुचित करता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है। धूम्रपान छोड़ने से आपका हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और रक्तचाप सामान्य स्तर पर आ सकता है।

भरपूर नींद लें:
नींद की कमी या खराब नींद से आपका रक्तचाप बढ़ सकता है। इसलिए रोज़ाना कम से कम 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है। रात को सही समय पर सोने की आदत बनाएं और दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखें।

तनाव प्रबंधन तकनीक अपनाएं:
तनाव उच्च रक्तचाप का एक बड़ा कारण है। मेडिटेशन, डीप ब्रेथिंग एक्सरसाइज, म्यूजिक थेरेपी, और अपने शौक पूरे करने जैसी गतिविधियां तनाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं। तनाव को प्रबंधित करना उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वजन को नियंत्रण में रखें:
अत्यधिक वजन से आपका रक्तचाप बढ़ने का खतरा होता है। इसलिए वजन को संतुलित रखना महत्वपूर्ण होता है। अपने आहार और व्यायाम के जरिए वजन को नियंत्रित करें और इसे अपने स्वास्थ्य के लिए प्राथमिकता बनाएं।

उच्च रक्तचाप की जटिलताएं

अगर उच्च रक्तचाप को समय पर नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। यहां कुछ प्रमुख जटिलताएं दी गई हैं, जो लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से हो सकती हैं:

दिल का दौरा:
लंबे समय तक उच्च रक्तचाप से हृदय की धमनियों में जमा हो जाने वाली वसा ब्लॉकेज का कारण बनती है, जिससे दिल का दौरा हो सकता है। यह स्थिति घातक हो सकती है, इसलिए रक्तचाप को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।

स्ट्रोक:
उच्च रक्तचाप मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचा सकता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्ट्रोक होने से मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

किडनी फेल होना:
उच्च रक्तचाप किडनी की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

नेत्र रोग:
उच्च रक्तचाप आंखों की रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचा सकता है, जिससे दृष्टि समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में यह अंधापन का कारण भी बन सकता है।

धमनियों में सूजन:
उच्च रक्तचाप के कारण धमनियों की दीवारों में सूजन और कठोरता आ सकती है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। यह स्थिति हृदयाघात और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाती है।

उच्च रक्तचाप एक गंभीर स्थिति है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह कई जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे दिल का दौरा, स्ट्रोक, और किडनी की समस्या। हालांकि, एक स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और तनाव प्रबंधन के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित रक्तचाप की जांच और डॉक्टर से परामर्श लेना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, ताकि समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

FAQs

Q.1 – उच्च रक्तचाप के लक्षण क्या हैं?
उच्च रक्तचाप के लक्षणों में सिरदर्द, धुंधला दिखना, चक्कर आना, सीने में दर्द, और सांस की तकलीफ शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कई बार उच्च रक्तचाप के लक्षण प्रकट नहीं होते हैं, इसलिए नियमित जांच आवश्यक होती है।

Q.2 – क्या उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है?
जी हां, स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और तनाव प्रबंधन के जरिए उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है। साथ ही, समय-समय पर रक्तचाप की जांच कराते रहना भी जरूरी है।

Q.3 – उच्च रक्तचाप के लिए सबसे अच्छा आहार क्या है?
उच्च रक्तचाप के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार सबसे अच्छा होता है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों, और ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। नमक और चीनी की मात्रा को सीमित रखें।

Q.4 – क्या योग और ध्यान उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं?
हां, योग और ध्यान उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में बेहद प्रभावी हो सकते हैं। ये शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाते हैं, जिससे तनाव कम होता है और रक्तचाप नियंत्रित रहता है।

Q.5 – क्या उच्च रक्तचाप का इलाज संभव है?
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक करना कठिन हो सकता है। दवाएं, जीवनशैली में बदलाव, और नियमित चिकित्सा जांच के जरिए इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है।

Tags
Medicine Health Lifestyle Home remedies Fitness Prevention Hygiene Ailments Hindi skin diseases acne vulgaris symptoms AI Search
More blogs
Raunak Agrawal
Raunak Agrawal
• April 3, 2026
• 7 min read

Best Sausages for Diabetics: Top Choices for Healthy, Low-Carb, and Flavorful Meals

For people with diabetes, choosing the right foods is crucial for managing blood sugar levels. Sausages, a popular and delicious food, can be tricky when it comes to diabetes because they are often high in fat, sodium, and sometimes sugar. But don’t worry—it’s possible to find diabetes-friendly sausages that are both healthy and flavorful! In […]

Diabetes
causes-of-sudden-high-blood-pressure
Prateek
Prateek
• April 3, 2026
• 5 min read

Will a Chipotle Bowl Spike Blood Sugar? Find Out the Truth and Healthy Tips

Chipotle is a popular choice for many people seeking a quick and delicious meal. With customizable options and fresh ingredients, it can be a satisfying choice for lunch or dinner. However, if you’re keeping an eye on your blood sugar levels—whether due to diabetes, prediabetes, or simply wanting to maintain stable energy levels—you may wonder: […]

Diabetes
causes-of-sudden-high-blood-pressure
Yasaswini Vajupeyajula
Yasaswini Vajupeyajula
• April 3, 2026
• 6 min read

What Happens If a Diabetic Eats Puri Regularly? Impact on Blood Sugar and Health

Puri, a popular deep-fried Indian bread, is often served with various dishes like curries, chutneys, or lentils. Its crisp texture and delightful taste make it a favorite for many. However, for people with diabetes, regularly eating puri may not be as harmless as it seems. If you’re wondering what happens if a diabetic eats puri […]

Diabetes
causes-of-sudden-high-blood-pressure
Do you remember your last sugar reading?
Log and Track your glucose on the Tap Health App
All logs in one place
Smart trend graphs
Medicine Reminder
100% Ad Free
Download Now

Missed your diabetes meds

again? Not anymore.

Get medicine reminders on your phone.

✓ Glucose diary and Insights
✓ Smart Nudges
✓ All logs at one place
✓ 100% Ad free
Download Free
tap health
tap.health logo
copyright © 2025
2nd Floor,Plot No 4, Minarch Tower,
Sector 44,Gurugram, 122003,
Haryana, India
  • About Us
  • Blog
  • Doctor login
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Return / Shipping Policy
  • Terms and Conditions
Get Your Free AI Diabetes Coach